बॉलीवुड में किसी नए चेहरे को पहचान बनाने में वैसे भी समय लगता है। अगर शुरुआत से पहले ही नाम किसी बड़े विवाद से जुड़ जाए, तो राह और मुश्किल हो जाती है। सूरज पंचोली का करियर इसी सच्चाई के साथ आगे बढ़ा है। फिल्मी परिवार, बड़ी डेब्यू फिल्म और फिर एक लंबी कानूनी प्रक्रिया ने उनकी छवि को कई स्तरों पर बांट दिया।
सूरज पंचोली अभिनेता आदित्य पंचोली और ज़रीना वहाब के बेटे हैं। 2015 में फिल्म हीरो से उन्होंने मुख्य अभिनेता के रूप में करियर शुरू किया। यह सुभाष घई की 1983 की फिल्म हीरो का रीमेक थी, जिसमें उनके साथ आथिया शेट्टी थीं। फिल्म से दर्शकों और इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा असर नहीं छोड़ पाई। फिर भी, एक नए अभिनेता के लिए इस फिल्म ने उन्हें पहचान का पहला मौका दिया।
लेकिन उनकी फिल्मी शुरुआत से पहले ही 2013 में अभिनेत्री जिया खान की मौत के बाद सूरज पंचोली का नाम एक कानूनी मामले में सामने आया। उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा। जिया खान की मां राबिया खान ने इस मामले को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। यह मामला सालों तक चला और इस दौरान सूरज पंचोली की निजी और पेशेवर जिंदगी लगातार सुर्खियों में रही।
अप्रैल 2023 में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने सबूतों के अभाव में सूरज पंचोली को इस मामले में डिस्चार्ज कर दिया। अदालत ने माना कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है। कानूनी राहत मिलने के बाद भी यह सवाल बना रहा कि एक अभिनेता के रूप में उन्हें दर्शकों के बीच नई जगह कैसे मिलेगी, क्योंकि जनता के मन में बनी तस्वीर बदलने में समय लगता है।
हीरो के बाद सूरज पंचोली ने 2019 में सैटेलाइट शंकर और 2021 में टाइम टू डांस में काम किया। एक फिल्म में उन्होंने एक जवान सैनिक की भूमिका निभाई, तो दूसरी डांस पर आधारित कहानी थी। दोनों फिल्मों ने उन्हें अलग किरदारों में पेश करने की कोशिश की, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद इन फिल्मों ने यह जरूर दिखाया कि वे सिर्फ एक ही तरह की छवि में नहीं बंधे रहना चाहते।
इस पूरे सफर में उनकी मां ज़रीना वहाब बेटे के समर्थन में खुलकर खड़ी रहीं। फिल्मी परिवार से आने के बाद भी सूरज पंचोली को अपनी पहचान अलग से बनानी पड़ रही है। अभिनेता के लिए असली चुनौती अब यह है कि वे सुर्खियों से आगे बढ़कर अपने काम के लिए जाने जाएं। बॉलीवुड में दूसरी पारी संभव है, लेकिन उसके लिए सही कहानी, सही निर्देशक और थोड़े धैर्य की जरूरत होती है।
सूरज पंचोली की यह यात्रा दिखाती है कि फिल्मी पृष्ठभूमि या बड़ी डेब्यू फिल्म किसी कलाकार की राह आसान नहीं बना देती। पहचान हर बार नए सिरे से बनानी पड़ती है। अगर आने वाले समय में वे अपने अभिनय से दर्शकों का भरोसा जीत पाते हैं, तो कहानी का अगला अध्याय उनके पक्ष में लिखा जा सकता है।
सूरज पंचोली और सुर्खियों से आगे बढ़ने की कोशिश
Source: HotArticle
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