पिछले ईद के दिन उत्तर प्रदेश के एक छोटे शहर के सिंगल स्क्रीन थिएटर में मैं गई थी। फिल्म की प्लॉट औसत थी, लेकिन जैसे ही स्क्रीन पर सलमान खान की एंट्री हुई, पूरा थिएटर उछल पड़ा। लोग सीटों पर चढ़कर नाच रहे थे, कॉन्फेटी फेंक रहे थे, और "भाई जान" के नारे गूंज रहे थे। वो पल मुझे समझ आया कि सलमान खान की स्टारडम कोई बॉक्स ऑफिस की आंकड़ों से नहीं, लोगों के दिलों के कनेक्शन से मापी जाती है।
1980 के दशक के अंत में 'मैंने प्यार किया' फिल्म से नायक 'प्रेम' की मासूम इमेज से करियर की शुरुआत करने वाले सलमान, आज 35 साल से ज्यादा समय तक बॉलीवुड की टॉप लिस्ट में शामिल हैं। 90 के दशक में उन्होंने रोमांटिक रोल से लेकर एक्शन, कॉमेडी तक हर जेनर में काम किया, लेकिन 2009 में 'वांटेड' फिल्म के बाद उनकी 'भाई' इमेज ने ऐसा जादू चलाया कि वो सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि जनता के बीच एक कल्चरल आइकन बन गए। उनकी ईद की रिलीज़ अब कोई फिल्म का इवेंट नहीं, बल्कि लोगों के लिए एक त्योहार सा बन गया है – चाहे फिल्म कैसी भी हो, उसके फैंस पहले दो शो बुक करके देखने के लिए लाइन लगाते हैं।
लेकिन सलमान का सफर केवल सफलताओं से भरा नहीं है। उनके करियर में कई विवाद भी रहे हैं – हिट एंड रन केस, ब्लैकबक शिकार केस, कई सार्वजनिक विवाद उनपर सदा सुर्खियों में रहने का कारण बनते रहे हैं। आलोचक उनकी कभी-कभी अप्रचलित बयानों और फिल्मों में रिपीटिटिव कंटेंट की आलोचना भी करते रहते हैं, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग को इसका कोई असर नहीं पड़ता। वो अपनी गलतियों से भी बचकर नहीं चलते, और सार्वजनिक रूप से अपनी कमियों को स्वीकार करने से भी नहीं हिचकिचाते।
स्क्रीन से बाहर उनका वो पक्ष भी है जो कम ही लोग जानते हैं। उनकी चैरिटी ऑर्गनाइजेशन 'बीइंग ह्यूमन' सालों से गरीब बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, और जरूरतमंदों की मदद करती है। कोविड पैंडेमिक के समय उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के हजारों दिहाड़ी मजदूरों के लिए राशन किट और वित्तीय मदद भेजी थी, बिना किसी शो-शा के। नई पीढ़ी के एक्टरों, डायरेक्टरों और तकनीशियनों को ब्रेक देने में वो हमेशा आगे रहे हैं – आज बॉलीवुड में कई बड़े नाम ऐसे हैं जिनकी पहली फिल्म सलमान के प्रोडक्शन हाउस से आई है।
बॉलीवुड में स्टारडम का कालखंड आमतौर पर 10 से 15 साल का होता है। एक दशक तक टॉप पर रहने के बाद ज्यादातर एक्टर्स बैकग्राउंड में चले जाते हैं, लेकिन सलमान खान इस नियम को बार-बार तोड़ चुके हैं। उन्हें लोग प्यार करते हैं, कुछ लोग उनसे नफरत भी करते हैं, लेकिन कोई भी उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकता। उनका सफर किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से नहीं, लोगों के साथ उनके वास्तविक कनेक्शन से लिखा गया है – और शायद यही वजह है कि आज भी 50 साल की उम्र के बाद भी वो स्क्रीन पर आते हैं तो पूरा थिएटर उनके नाम से गूंजता है।
सिल्वर स्क्रीन के 'भाई' से जनता के दिलों तक: सलमान खान का वो सफर जो किसी स्क्रिप्ट से नहीं लिखा गया
Source: HotArticle
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