पुराने समय से ही भारतीय घरों में जो रूट का उपयोग एक प्राकृतिक स्वास्थ्यवर्धक के रूप में किया जाता रहा है। यह साधारण सी दिखने वाली जड़ हमारे पूर्वजों के ज्ञान का एक अनमोल खजाना है, जिसे आधुनिक विज्ञान भी अब मान्यता दे रहा है।
जो रूट, जिसे वैज्ञानिक भाषा में वेटिवेरिया जिज़ानिओइड्स कहा जाता है, एक बहुउपयोगी औषधीय पौधा है। इसकी खुशबू इतनी मनमोहक होती है कि इसे परफ्यूम उद्योग में भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। लेकिन इसका असली महत्व इसके औषधीय गुणों में छिपा है।
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राजेश कपूर बताते हैं, "जो रूट में प्राकृतिक शांतिदायक गुण पाए जाते हैं। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है। रात को सोने से पहले जो रूट की चाय पीने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।"
इस जड़ीबूटी का उपयोग विभिन्न रूपों में किया जा सकता है:
- चूर्ण के रूप में
- तेल के रूप में
- चाय बनाकर
- सीधे चबाकर
हाल के शोध बताते हैं कि जो रूट में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। हालांकि, किसी भी नए हर्बल उपचार को शुरू करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श करना हमेशा बेहतर होता है।