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हैवान' फिल्म समीक्षा: सभ्यता के लिबास के नीचे दबी इंसानी फितरत का कड़ा आईना

सभ्यता का लिबास अक्सर बहुत नाजुक होता है। जब हालात बेकाबू होते हैं या इंसान को उसके सबसे गहरे डर और गुस्से का सामना करना पड़ता है, तो उसके अंदर छिपा 'हैवान' कितनी आसानी से जाग जाता