जब किसी आम व्यक्ति के जीवन में कानूनी उलझन आती है, तो सबसे पहला शब्द जो मन में कौंधता है, वह है 'न्यायालय'। यह केवल एक इमारत या संस्थान नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की वह नींव है जहा
भारतीय न्यायपालिका की बात हो और मुख्य न्यायाधीश का जिक्र न हो, यह अधूरा होगा। यह पद न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय का प्रमुख है, बल्कि भारत की न्यायिक व्यवस्था का प्रतिनिधित्व भी करता ह
भारतीय न्यायपालिका में ऐसे कई न्यायाधीशों का योगदान रहा है जिन्होंने अपनी ईमानदारी, कानूनी समझ और संवैधानिक प्रतिबद्धता से मिसाल कायम की है। उन्हीं में से एक नाम जस्टिस संदीप मेहता